देश के 9 राज्यों में तेजी से घट रहा भूजल, पंजाब-राजस्थान-हरियाणा सबसे बड़े संकट क्षेत्र
देश में बढ़ते शहरीकरण, औद्योगीकरण और पानी की बढ़ती मांग के बीच भूजल स्तर तेजी से गिर रहा है। हालिया अध्ययनों और सरकारी आकलनों से संकेत मिले हैं कि नौ राज्यों में भूजल भंडार गंभीर दबाव में हैं। इनमें पंजाब, राजस्थान और हरियाणा सबसे अधिक प्रभावित राज्यों के रूप में सामने आए हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार कृषि, उद्योग और घरेलू जरूरतों के लिए भूजल का अत्यधिक दोहन इस संकट की मुख्य वजह है। कई इलाकों में भूजल निकासी की दर प्राकृतिक पुनर्भरण क्षमता से काफी अधिक हो चुकी है, जिससे जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है।
पंजाब में स्थिति सबसे चिंताजनक बताई जा रही है। केंद्रीय भूजल बोर्ड के आकलन के अनुसार राज्य में भूजल दोहन राष्ट्रीय औसत से कई गुना अधिक है। राजस्थान और हरियाणा भी गंभीर श्रेणी में शामिल हैं, जहां जल संसाधनों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।
अध्ययनों में यह भी सामने आया है कि तेजी से फैलते शहर, औद्योगिक गतिविधियां और बढ़ती आबादी भूजल संकट को और गहरा कर रही हैं। पंजाब-हरियाणा क्षेत्र में पिछले दो दशकों के दौरान अरबों घन मीटर भूजल भंडार कम होने का अनुमान जताया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण, फसल विविधीकरण और भूजल प्रबंधन जैसे उपायों को प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में कई क्षेत्रों में पेयजल और सिंचाई की समस्या गंभीर रूप ले सकती है।





