बंगाल में बड़े बदलाव की शुरुआत: धर्म आधारित योजनाएं बंद, महिलाओं को ₹3000 सहायता; पार्क सर्कस विवाद पर गरमाई राजनीति
West Bengal में नई सरकार के दूसरे कैबिनेट फैसलों ने राज्य की राजनीति और सामाजिक माहौल दोनों को गर्मा दिया है। एक तरफ सरकार ने महिलाओं के लिए नई ‘अन्नपूर्णा योजना’ लागू करने और धर्म आधारित सहायता योजनाओं को बंद करने का फैसला लिया है, वहीं दूसरी ओर कोलकाता के पार्क सर्कस में हुए विरोध प्रदर्शन और पत्थरबाजी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
सरकार ने घोषणा की है कि 1 जून से पात्र महिलाओं को अन्नपूर्णा योजना के तहत हर महीने ₹3000 की सहायता दी जाएगी। बताया गया है कि पहले से चल रही Lakshmi Bhandar योजना की लाभार्थी महिलाओं को सीधे इस योजना में शामिल किया जाएगा, जबकि अन्य पात्र महिलाओं के लिए अलग पोर्टल शुरू किया जाएगा।
इसी बैठक में सरकार ने इमामों, मुअज्जिनों और पुजारियों को धर्म आधारित श्रेणी में दी जा रही आर्थिक सहायता योजनाओं को बंद करने का निर्णय भी लिया। इसके अलावा अल्पसंख्यक छात्रों से जुड़ी कुछ छात्रवृत्ति योजनाओं की समीक्षा की बात भी सामने आई है। सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था में योजनाओं को धर्म के बजाय आर्थिक और सामाजिक जरूरत के आधार पर लागू किया जाएगा।
उधर, Kolkata के पार्क सर्कस इलाके में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर कथित पत्थरबाजी की घटना के बाद माहौल और ज्यादा राजनीतिक हो गया। मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए Suvendu Adhikari ने कहा कि राज्य में “कश्मीर जैसी पत्थरबाजी” बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कानून व्यवस्था पर सख्ती जरूरी है। उनके इस बयान के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नई सरकार शुरुआत से ही प्रशासनिक और सामाजिक नीतियों में बड़े बदलाव का संदेश देना चाहती है। हालांकि विपक्ष इन फैसलों को राजनीतिक ध्रुवीकरण से जोड़कर देख रहा है। आने वाले दिनों में इन फैसलों का असर राज्य की राजनीति और सामाजिक माहौल दोनों पर दिखाई दे सकता है।
बंगाल कैबिनेट ने धर्म आधारित सहायता योजनाएं बंद करने का फैसला लिया
महिलाओं के लिए ₹3000 वाली अन्नपूर्णा योजना 1 जून से लागू होगी
पार्क सर्कस प्रदर्शन और पुलिस पर पत्थरबाजी के बाद राजनीति गरमाई





