हेल्थकेयर सेक्टर में तकनीक का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है और Artificial Intelligence (AI) इसमें सबसे बड़ी भूमिका निभा रहा है। हाल के दिनों में कई बड़ी टेक कंपनियों ने AI आधारित हेल्थ टूल्स लॉन्च किए हैं, जो मरीजों और डॉक्टरों के बीच की दूरी को कम कर रहे हैं।
हाल ही में Amazon ने अपना AI हेल्थ असिस्टेंट लॉन्च किया है, जो यूजर्स को 30 से ज्यादा सामान्य बीमारियों से जुड़ी जानकारी, लक्षणों की पहचान और दवाओं से संबंधित सवालों के जवाब देने में मदद करता है। यह सिस्टम जरूरत पड़ने पर मरीजों को डॉक्टर से भी जोड़ सकता है।
वहीं Microsoft ने भी Copilot Health नाम का एक नया AI सिस्टम पेश किया है, जो यूजर्स को उनके मेडिकल रिकॉर्ड, लैब रिपोर्ट और wearable devices के डेटा को समझने में मदद करता है। यह सिस्टम 50,000 से ज्यादा हेल्थ संस्थानों और कई फिटनेस डिवाइस से डेटा कनेक्ट कर सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, AI अब केवल डेटा एनालिसिस तक सीमित नहीं है, बल्कि यह डायग्नोसिस, मरीज की निगरानी और इलाज की प्रक्रिया को भी तेज और आसान बना रहा है। AI बड़े डेटा को तेजी से प्रोसेस कर सकता है, जिससे डॉक्टरों को सही निर्णय लेने में मदद मिलती है।
इसके अलावा, भारत में भी हेल्थकेयर में AI का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। AIIMS और IIT जैसे संस्थान मिलकर AI आधारित हेल्थ सिस्टम विकसित कर रहे हैं, जिससे भविष्य में बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
हालांकि, विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि AI को पूरी तरह डॉक्टरों की जगह नहीं लिया जा सकता, बल्कि यह एक सहायक तकनीक के रूप में काम करेगा।





