पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच लंबे समय से सीमा विवाद और आतंकी संगठनों को लेकर तनाव बना हुआ था।पाकिस्तान का आरोप है कि "तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान" आतंकी अफगानिस्तान की जमीन से पाकिस्तान में हमले करते हैं।अफगानिस्तान की तालिबान सरकार इन आरोपों को खारिज करती रही है। लेकिन दोनों देशों के बीच "डूरंड रेखा” सीमा को लेकर भी कई वर्षों से विवाद है।2025 - 26 में पाकिस्तान में आतंकवादी हमलों की संख्या तेजी से बढ़ी। संघर्ष की असली शुरुआत 6 फरवरी 2026 पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद की एक मस्जिद में आत्मघाती हमला हुआ।इस हमले में 31 लोगों की मौत हुई। पाकिस्तान ने कहा कि हमले की साजिश अफगानिस्तान से जुड़ी थी।16 फरवरी 2026पाकिस्तान के बजौर जिले में सुरक्षा चौकी पर बड़ा हमला हुआ।11 सैनिक और एक बच्ची की मौत हुई।इस हमले की "जिम्मेदारीतहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान" ने ली। पाकिस्तान ने 22 फरवरी 2026 अफगानिस्तान के नंगरहार ,पक्तिका,खोस्त इलाकों में एयरस्ट्राइक की।पाकिस्तान ने कहा कि उसने आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया।अफगानिस्तान ने कहा कि इन हमलों में महिलाएं और बच्चे मारे गए।26 फरवरी 2026अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ ड्रोन हमले,सीमा पर गोलीबारीशुरू कर दी।दोनों देशों के बीच सीमा पर कई जगहों पर लड़ाई हुई।पाकिस्तान ने युद्ध जैसी कार्रवाई शुरू की पाकिस्तान ने ऑपरेशन "ग़ज़ब-लिल-हक़" नाम से सैन्य अभियान शुरू किया।पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा कि अब स्थिति “खुले युद्ध” जैसी है। पाकिस्तान ने कंधार और काबुल के पास एयरस्ट्राइक की।अफगानिस्तान ने कहा कि इसमें कई नागरिक मारे गए।जवाब में अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले किए।संयुक्त राष्ट्र के अनुसार इस संघर्ष में 50 से अधिक लोग मारे गए,1 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हो गए।इस युद्ध के मुख्य कारण "तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान"आतंकवादी संगठन,पाकिस्तान में बढ़ते आतंकी हमले,अफगानिस्तान पर आतंकियों को पनाह देने का आरोप,"डूरंड रेखा" विवाद दोनों देशों के बीच राजनीतिक अविश्वास है। विशेषज्ञों के अनुसार तालिबान के पास तीन विकल्प हैं:जवाबी हमले पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर ड्रोन या सीमा हमले।,बातचीत चीन, कतर या संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से बातचीत।,सीमित युद्ध सीमा पर छोटे-छोटे सैन्य संघर्ष जारी रह सकते हैं। इस युद्ध का असर दक्षिण एशिया में सुरक्षा खतरा बढ़ेगा शरणार्थियों की संख्या बढ़ सकती है पाकिस्तान और अफगानिस्तान की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा क्षेत्रीय देशों (चीन, ईरान, भारत) की रणनीति बदल सकती है
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच यह संघर्ष पिछले कई वर्षों के तनाव का परिणाम है। हालिया आतंकी हमलों और एयरस्ट्राइक के बाद स्थिति काफी गंभीर हो गई है। अगर जल्द कूटनीतिक समाधान नहीं निकला तो यह संघर्ष लंबे समय तक जारी रह सकता है।





