US-Iran War: मिसाइल डिफेंस स्टॉकपाइल पर उठे सवाल, पीट हेगसेथ ने ‘खतरनाक कमी’ की रिपोर्ट को नकारा

वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध के बीच अमेरिकी मिसाइल डिफेंस सिस्टम की क्षमता और हथियारों के भंडार को लेकर नई बहस छिड़ गई है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि लंबे समय से चल रहे संघर्ष के कारण अमेरिका के मिसाइल इंटरसेप्टर का भंडार बेहद कम स्तर पर पहुंच गया है। हालांकि, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इन दावों को खारिज करते हुए इन्हें सही नहीं बताया है।

हेगसेथ ने दावों को बताया गलत

रिपोर्ट के मुताबिक, हेगसेथ ने अमेरिकी मिसाइल डिफेंस स्टॉकपाइल के ‘खतरनाक रूप से कम’ होने संबंधी मीडिया रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह जानकारी सही नहीं है। उनका बयान ऐसे समय आया है, जब ईरान के साथ लंबे संघर्ष के बीच अमेरिकी सैन्य संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।

कितने मिसाइल इंटरसेप्टर होने का अनुमान था?

मीडिया में सामने आई जानकारी में Center for Strategic and International Studies (CSIS) के आकलन का भी उल्लेख किया गया। इसके अनुसार, संघर्ष शुरू होने से पहले अमेरिका के पास लगभग 452 THAAD इंटरसेप्टर और करीब 2,200 Patriot इंटरसेप्टर होने का अनुमान लगाया गया था। इन प्रणालियों का इस्तेमाल आने वाले मिसाइल खतरों से सुरक्षा के लिए किया जाता है।

लंबे युद्ध से हथियारों के इस्तेमाल पर चिंता

अमेरिका-ईरान संघर्ष लंबा खिंचने के साथ अमेरिकी हथियार भंडार को लेकर चर्चा तेज हुई है। हालिया रिपोर्टों में अमेरिकी लंबी दूरी की प्रिसिजन मिसाइलों के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल की बात सामने आई है। इससे अमेरिकी सैन्य तैयारियों और भविष्य के संभावित संघर्षों के लिए हथियारों की उपलब्धता पर बहस बढ़ी है।

अमेरिका का उत्पादन बढ़ाने पर जोर

हथियारों के भंडार को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अमेरिका सैन्य उत्पादन बढ़ाने की दिशा में भी काम कर रहा है। हालांकि, आधुनिक मिसाइल प्रणालियों की दोबारा बड़ी संख्या में आपूर्ति करने में समय लग सकता है। यही वजह है कि युद्ध के दौरान हथियारों की खपत और उत्पादन क्षमता दोनों रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मुद्दे बन गए हैं।

निष्कर्ष

फिलहाल अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने मिसाइल डिफेंस स्टॉकपाइल के ‘खतरनाक रूप से कम’ होने संबंधी मीडिया दावों को खारिज किया है। वहीं, अलग-अलग रिपोर्टों में युद्ध के दौरान अमेरिकी मिसाइलों के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल और भविष्य की सैन्य तैयारियों को लेकर चिंताएं सामने आती रही हैं। ऐसे में अमेरिका के हथियार भंडार और उत्पादन क्षमता पर नजर बनी हुई है।