प्रसिद्ध शिक्षा सुधारक और पर्यावरण कार्यकर्ता Sonam Wangchuk ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) में कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग करते हुए परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

वांगचुक ने कहा कि देश के लाखों छात्रों का भविष्य राष्ट्रीय परीक्षाओं पर निर्भर करता है और यदि इन परीक्षाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं, तो यह पूरे शिक्षा तंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों से विद्यार्थियों का विश्वास कमजोर हुआ है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

यह आंदोलन केवल सोनम वांगचुक तक सीमित नहीं है। कई छात्र संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और कुछ पूर्व सरकारी अधिकारियों ने भी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का हवाला देते हुए शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और पारदर्शिता सुनिश्चित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, भूख हड़ताल के दौरान वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता जताई गई है। चिकित्सकीय निगरानी में उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है और सहयोगियों ने बताया है कि उनका वजन कम हुआ है तथा रक्त शर्करा का स्तर भी घटा है। हालांकि वांगचुक ने कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

इस बीच केंद्र सरकार की ओर से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। दूसरी ओर, प्रदर्शनकारी मांग कर रहे हैं कि कथित परीक्षा गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी सुधार लागू किए जाएं।