झारखंड में छात्र आंदोलन तेज, JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ प्रदर्शन
रांची: झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पारदर्शिता की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहा प्रदर्शन 5 अगस्त 2026 को 12वें दिन में पहुंच गया। प्रदर्शनकारी JPSC, JSSC और अन्य भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों में निष्पक्ष जांच, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। छात्रों ने आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का कार्यक्रम घोषित किया है।
JPSC परीक्षा विवाद से बढ़ा मामला
विवाद का प्रमुख केंद्र 14वीं JPSC संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा है। परीक्षा परिणाम सामने आने के बाद अभ्यर्थियों ने प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए। इसके बाद मामला जांच तक पहुंचा। 21 जुलाई को CID और रांची पुलिस ने JPSC कार्यालय और संबंधित परिसरों में तलाशी ली।
जांच के बीच JPSC ने कई भर्ती परीक्षाओं को स्थगित किया, जिनमें 14वीं संयुक्त सिविल सेवा मुख्य परीक्षा भी शामिल थी। इसके बाद तत्कालीन JPSC अध्यक्ष एल. खियांग्ते ने इस्तीफा दे दिया।
CID जांच में 14 गिरफ्तारियां
मामले की जांच कर रही झारखंड CID में 4 अगस्त तक कुल 14 गिरफ्तारियों की जानकारी सामने आई है। जांच अभी जारी है। हालांकि, आरोपों की अंतिम पुष्टि और किसी व्यक्ति की दोषसिद्धि जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
छात्रों की क्या मांग है?
प्रदर्शनकारी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और चयन प्रक्रिया में सुधार की मांग कर रहे हैं। आंदोलन में JPSC, JSSC और अन्य भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दे भी उठाए जा रहे हैं। कुछ संगठनों ने मामले की CBI जांच की मांग का समर्थन किया है।
अभिजीत दीपके ने आंदोलन को समर्थन दिया
झारखंड के छात्र आंदोलन को CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके का भी समर्थन मिला है। दीपके ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ खड़े होने की बात कही और झारखंड जाकर छात्रों का समर्थन करने की प्रतिबद्धता जताई। उनके समर्थन के बाद आंदोलन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा भी बढ़ी।
सोनम वांगचुक ने देवेंद्र नाथ महतो से की अपील
आंदोलन के दौरान छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल भी चर्चा में रही। रिपोर्टों के अनुसार, सोनम वांगचुक ने वीडियो कॉल के जरिए महतो से बातचीत की और उनके स्वास्थ्य को देखते हुए पानी लेने की अपील की। इसके बाद महतो ने पानी ग्रहण किया, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका सत्याग्रह और छात्रों की मांगों को लेकर आंदोलन जारी रहेगा।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि वांगचुक की भूमिका इस घटनाक्रम में मुख्य रूप से महतो से बातचीत कर उन्हें पानी लेने की अपील करने की रही। इसलिए उन्हें छात्रों की सभी मांगों का समर्थक या JPSC परीक्षा रद्द करने की मांग करने वाला बताना उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर उचित नहीं होगा।
10 अगस्त को विधानसभा घेराव की तैयारी
5 अगस्त तक आंदोलन जारी है। छात्रों ने आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए तिरंगा मार्च और 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा घेराव की तैयारी की है। आंदोलनकारियों की मांगों पर सरकार की ओर से आगे क्या कदम उठाया जाता है, इस पर अब नजर है।
एक नजर में
स्थान: रांची, झारखंड
मुख्य मुद्दा: भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितता और पारदर्शिता
प्रमुख परीक्षाएं: JPSC, JSSC और अन्य भर्ती परीक्षाएं
5 अगस्त 2026: आंदोलन का 12वां दिन
CID जांच: 4 अगस्त तक 14 गिरफ्तारियां
प्रमुख मांग: निष्पक्ष जांच और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया
अभिजीत दीपके: छात्रों के आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा
सोनम वांगचुक: देवेंद्र नाथ महतो से पानी लेने की अपील
अगला घोषित कार्यक्रम: 10 अगस्त को विधानसभा घेराव





