JPSC विवाद: 16 दिन के आंदोलन के बाद सरकार परीक्षा रद्द करने पर सहमत, CBI जांच पर बनी असहमति

रांची: झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन 16वें दिन भी जारी है। लंबे विरोध और लगातार बातचीत के बीच राज्य सरकार ने छात्रों की कई प्रमुख मांगों पर सहमति जताई है। इनमें विवादित JPSC प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने की मांग भी शामिल है। हालांकि, पूरे मामले की जांच CBI से कराने की मांग पर अभी सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच सहमति नहीं बन पाई है।

परीक्षा रद्द करने की मांग पर सरकार का रुख बदला

छात्र लंबे समय से JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध कर रहे हैं। उनका प्रमुख आग्रह संबंधित परीक्षा को निरस्त कर नए सिरे से परीक्षा कराने और भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने का है। बातचीत के दौरान सरकार ने परीक्षा रद्द करने की मांग पर सकारात्मक रुख दिखाया है।

इसके अलावा बैकलॉग परीक्षाओं में सामने आए कथित गड़बड़ी के मामलों की जांच CID और ED से कराने पर भी सरकार की ओर से सहमति जताई गई है। अधिकारियों की ओर से मामले में कार्रवाई आगे बढ़ाने की बात कही गई है।

CBI जांच पर अब भी अटका मामला

छात्र संगठनों की सबसे अहम मांगों में JPSC और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र CBI जांच भी शामिल है। हालांकि, इस मुद्दे पर अभी गतिरोध कायम है। सरकार की ओर से CID और ED की जांच को लेकर सहमति जताई गई है, जबकि प्रदर्शनकारी CBI जांच की मांग पर कायम हैं।

यही मुद्दा बातचीत के बावजूद आंदोलन को पूरी तरह समाप्त करने में बड़ी बाधा बना हुआ है। ताजा दौर की वार्ता में भी छात्रों ने अपनी प्रमुख मांगों पर स्पष्ट निर्णय की अपेक्षा रखी है।

अभय तिवारी से जुड़े मामलों की भी जांच

JPSC विवाद में अभय तिवारी का नाम भी सामने आया है। छात्रों की ओर से उनसे जुड़ी परीक्षाओं को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। सरकार ने उनके द्वारा दी गई सभी परीक्षाओं को रद्द करने की मांग स्वीकार नहीं की है। वहीं, सरकार ने मामले में कार्रवाई आगे बढ़ाने और निर्धारित समयसीमा के भीतर चार्जशीट दाखिल करने का भरोसा दिया है।

मुख्यमंत्री ने दिया न्याय का भरोसा

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रदर्शन कर रहे युवाओं को भरोसा दिलाया है कि परीक्षा से जुड़ी गड़बड़ियों के मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि युवाओं की चिंताओं का समाधान बातचीत और पारदर्शिता के माध्यम से किया जाना चाहिए।

सरकार और छात्रों के बीच वार्ता के कई दौर हो चुके हैं, लेकिन सभी मुद्दों पर अभी अंतिम सहमति नहीं बन पाई है। ऐसे में आंदोलन का अगला रुख CBI जांच सहित लंबित मांगों पर सरकार के निर्णय से तय होने की संभावना है।

आंदोलन की आगे की दिशा पर नजर

JPSC-JSSC परीक्षा व्यवस्था में सुधार, कथित अनियमितताओं की जांच और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार चर्चा में है। सरकार द्वारा कुछ मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाने के बावजूद CBI जांच का मुद्दा अभी निर्णायक बना हुआ है।

फिलहाल छात्रों और सरकार के बीच बातचीत का सिलसिला जारी है। आने वाले दौर की वार्ता में यदि लंबित मांगों पर सहमति बनती है, तो आंदोलन समाप्त होने की दिशा में रास्ता खुल सकता है।