21 जून 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस देश और दुनिया में बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। भारत सहित कई देशों में लाखों लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वास्थ्य, मानसिक शांति और संतुलित जीवन का संदेश दिया।

इस वर्ष योग दिवस की थीम "योग फॉर हेल्दी एजिंग" रखी गई है। इसका उद्देश्य लोगों को बढ़ती उम्र में भी स्वस्थ, सक्रिय और मानसिक रूप से मजबूत बनाए रखने के लिए योग के महत्व से अवगत कराना है।

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने पश्चिम बंगाल के कोलकाता में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में भाग लिया और योग को भारत की प्राचीन धरोहर बताते हुए इसे वैश्विक स्वास्थ्य आंदोलन का माध्यम बताया। देशभर के स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी संस्थानों और सामाजिक संगठनों ने भी योग शिविरों और जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया।

संयुक्त राष्ट्र द्वारा 2014 में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया गया था। तब से हर वर्ष यह दिन योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। और आज यह दुनिया के 190 से अधिक देशों में किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस ने भारतीय संस्कृति और परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाने में भी अहम योगदान दिया है।

योगाभ्यास तनाव कम करने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। योग दिवस के अवसर पर लोगों ने इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प भी लिया।