नेपाल में बाढ़ से भारी तबाही, पीएम मोदी ने बालेन शाह से की बात; भारत ने मदद का भरोसा दिया

काठमांडू, 26 अगस्त 2026। नेपाल में बुधवार को आई भीषण फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी। चीन की सीमा से लगे रासुवा जिले के कई इलाकों में बाढ़ का पानी तेजी से फैला, जिससे घरों, सड़कों, पुलों और बिजली परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचा है। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है, लेकिन कई इलाकों तक पहुंचने में मुश्किलें सामने आ रही हैं।

पीएम मोदी ने नेपाली प्रधानमंत्री से की बातचीत

नेपाल में बने हालात को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाली प्रधानमंत्री बालेन शाह से फोन पर बातचीत की। पीएम मोदी ने जानमाल के नुकसान पर संवेदना जताई और भारत की ओर से हर संभव मानवीय एवं राहत सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।

भारत की ओर से नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों की जानकारी और सहायता के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। ताजा रिपोर्टों के अनुसार बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक और तीर्थयात्री लापता लोगों में शामिल हैं।

सड़क-पुल और बिजली परियोजनाओं को नुकसान

बाढ़ का सबसे ज्यादा असर रासुवा और आसपास के क्षेत्रों में दिखाई दिया है। रिपोर्टों के मुताबिक करीब 40 किलोमीटर सड़कें और 19 पुल क्षतिग्रस्त या बह गए हैं। इसके अलावा कई जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा है। अलग-अलग रिपोर्टों में प्रभावित हाइड्रोपावर परियोजनाओं की संख्या 11 से 13 के बीच बताई गई है।

नुवाकोट के त्रिशूली बाजार के आसपास भी बाढ़ का असर देखने को मिला। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार करीब 60 घर पानी की चपेट में आए हैं।

सैकड़ों लोग लापता

बाढ़ के बाद लापता लोगों की संख्या लगातार सामने आ रही है। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक नेपाल में 403 लोग लापता बताए गए हैं, जिनमें 341 विदेशी नागरिक हैं। इनमें 133 भारतीय नागरिकों के भी शामिल होने की जानकारी दी गई है।

वहीं, रॉयटर्स की रिपोर्ट में नेपाल में कम से कम 95 लोगों की मौत और सैकड़ों लोगों के लापता होने की जानकारी दी गई है। आंकड़ों में अंतर होने की वजह से राहत एवं बचाव अभियान के बीच मृतकों और लापता लोगों की संख्या बदल सकती है।

बचाव अभियान में जुटी नेपाली सेना

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नेपाली सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियां राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। खराब मौसम और क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण जमीनी पहुंच प्रभावित हुई है। नेपाली सेना ने हेलीकॉप्टरों की मदद से घायलों और फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना शुरू किया है।

नेपाल-चीन सीमा से लगे इलाकों में बाढ़ के कारण सड़क, संचार और बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। अधिकारियों ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित ऊंचाई वाले स्थानों पर जाने की सलाह दी है।

फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को निकालना, घायलों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना और संपर्क से कटे क्षेत्रों तक राहत सामग्री पहुंचाना है।