उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में एक पेपर प्लेट निर्माण इकाई में कथित बंधुआ मजदूरी और अमानवीय उत्पीड़न का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में 12 श्रमिकों को मुक्त कराया गया, जिन्हें लंबे समय से फैक्ट्री परिसर में बंधक बनाकर रखा गया था।
मुक्त कराए गए श्रमिकों ने आरोप लगाया कि उन्हें जबरन काम कराया जाता था और विरोध करने पर लोहे की छड़ों से पीटा जाता था। कुछ श्रमिकों ने यह भी दावा किया कि उन्हें डराने और भागने से रोकने के लिए पिट बुल कुत्तों का इस्तेमाल किया जाता था। मेडिकल जांच में कई श्रमिकों के शरीर पर चोटों के निशान पाए गए हैं।
मामले ने और गंभीर रूप तब ले लिया जब श्रमिकों ने आरोप लगाया कि यातनाओं के कारण एक मजदूर की मौत हो गई थी। पुलिस इस कथित मौत की जांच कर रही है और पूरे मामले को मानव तस्करी, अवैध बंधन तथा बंधुआ मजदूरी के एंगल से भी देखा जा रहा है।
पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि फैक्ट्री का मालिक अभी भी फरार बताया जा रहा है। उसकी तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित श्रमिकों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.





