उत्तर भारत के पूर्वोत्तर राज्यों के कारीगरों और बुनकरों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति भवन में Droupadi Murmu से मुलाकात की। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने उनकी कला, मेहनत और सांस्कृतिक योगदान की सराहना की।

इन कारीगरों और बुनकरों ने विभिन्न राष्ट्रीय आयोजनों के लिए तैयार की गई निमंत्रण किटों में अहम भूमिका निभाई। उनकी हस्तशिल्प कला और पारंपरिक बुनाई ने उत्तर पूर्व भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को खूबसूरती से प्रस्तुत किया।

राष्ट्रपति ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत की कला और हस्तशिल्प देश की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत बनाते हैं। उन्होंने कारीगरों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि उनकी प्रतिभा न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बना रही है।

इस मुलाकात के दौरान कारीगरों ने अपनी पारंपरिक कलाओं, बुनाई तकनीकों और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े अनुभव भी साझा किए। राष्ट्रपति भवन में आयोजित यह संवाद पूर्वोत्तर राज्यों की कला और संस्कृति को राष्ट्रीय मंच पर सम्मान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।