भारत ने सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि गुजरात के साणंद स्थित CG Semi संयंत्र में निर्मित सेमीकंडक्टर चिप्स का निर्यात जापान, अमेरिका और यूरोप जैसे प्रमुख वैश्विक बाजारों में किया जाएगा। यह भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में मजबूत स्थान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
सरकार का कहना है कि यह परियोजना केवल घरेलू मांग को पूरा करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि भारत को उच्च तकनीक वाले उत्पादों के निर्यातक देश के रूप में भी स्थापित करेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, सेमीकंडक्टर उद्योग के विस्तार से देश में बड़े पैमाने पर निवेश आएगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र को नई गति मिलेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस उपलब्धि को 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि भारत अब केवल इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का उपभोक्ता नहीं, बल्कि उन्नत तकनीक के निर्माण और निर्यात का केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
सरकार के अनुसार, वर्ष 2026 के अंत तक देश में कई सेमीकंडक्टर संयंत्र पूरी तरह संचालित होने लगेंगे। इससे भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।





