CJP संसद मार्च: हाई अलर्ट के बीच दिल्ली में बवाल, प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज के आरोप; AISA नेताओं ने 23 दिन बाद खत्म की भूख हड़ताल
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार को CJP के आह्वान पर आयोजित संसद मार्च के दौरान तनावपूर्ण स्थिति बन गई। संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई तथा लाठीचार्ज के आरोप भी लगे। घटनास्थल पर कुछ देर के लिए भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
संसद मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस पहले से ही हाई अलर्ट पर थी। विजय चौक, संसद मार्ग और प्रधानमंत्री आवास की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। संवेदनशील इलाकों को अस्थायी रूप से 'नो-गो जोन' घोषित किया गया और बड़ी संख्या में पुलिस व अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई।
इस विरोध प्रदर्शन से पहले जंतर-मंतर पर 23 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे AISA के तीन छात्र नेताओं ने अपना अनशन समाप्त किया। वरिष्ठ अभिनेत्री शबाना आजमी, अभिनेता प्रकाश राज और राज्यसभा सांसद मनोज झा ने उन्हें पानी पिलाकर अनशन तुड़वाया। इस दौरान छात्र नेताओं ने आंदोलन जारी रखने का संकल्प दोहराया।
संसद मार्च से पहले जंतर-मंतर पर कई सामाजिक और सांस्कृतिक हस्तियां भी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में पहुंचीं। शबाना आजमी, प्रकाश राज और पूनम पांडे ने मंच से छात्रों और प्रदर्शनकारियों की मांगों का समर्थन करते हुए शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार की बात कही।
प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। पुलिस का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और निषेधाज्ञा का पालन कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए, जबकि प्रदर्शनकारियों ने बल प्रयोग के आरोप लगाए।
प्रमुख बिंदु
संसद मार्च के दौरान कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव।
प्रदर्शनकारियों ने लाठीचार्ज और बल प्रयोग के आरोप लगाए।
विजय चौक से प्रधानमंत्री आवास तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम और 'नो-गो जोन' लागू।
AISA के तीन छात्र नेताओं ने 23 दिन बाद भूख हड़ताल समाप्त की।
शबाना आजमी, प्रकाश राज, मनोज झा और पूनम पांडे ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया।





