भारत में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिलाओं के बीच तंबाकू सेवन को लेकर जारी आंकड़ों में राज्यों के बीच उल्लेखनीय असमानता सामने आई है। राष्ट्रीय स्तर पर जहां 15 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं में तंबाकू सेवन की औसत दर 8.4 प्रतिशत है, वहीं पूर्वोत्तर राज्यों में यह आंकड़ा राष्ट्रीय औसत से कई गुना अधिक दर्ज किया गया है।

मिजोरम में महिलाओं के बीच तंबाकू सेवन की दर सबसे अधिक 61 प्रतिशत है। इसके बाद त्रिपुरा में 47.7 प्रतिशत और मेघालय में 34.6 प्रतिशत महिलाओं द्वारा तंबाकू का सेवन किया जाता है। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में महिलाओं के बीच तंबाकू का उपयोग गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बना हुआ है।

दूसरी ओर, पंजाब और चंडीगढ़ में महिलाओं के बीच तंबाकू सेवन की दर सबसे कम 0.5 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो राष्ट्रीय औसत से काफी नीचे है।

स्वास्थ्य तंबाकू का सेवन कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारियों और कई अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का प्रमुख कारण है। ऐसे में जिन राज्यों में तंबाकू सेवन की दर अधिक है, वहां जागरूकता अभियान, नशामुक्ति कार्यक्रम और प्रभावी स्वास्थ्य नीतियों को और मजबूत करने की आवश्यकता है।

महिलाओं में तंबाकू सेवन की बढ़ती प्रवृत्ति को रोकने के लिए सामाजिक जागरूकता, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करना आवश्यक है।