NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में युवाओं और छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सोमवार को जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च निकाला। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था का हवाला देते हुए मार्च की अनुमति नहीं दी थी।
बैरिकेड्स पार करने का प्रयास करने पर पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। स्थिति तनावपूर्ण होने के बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज किया गया। इसके बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
आंदोलन से जुड़े संगठनों और सिटिज़न्स फ़ॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई में लगभग 40–50 प्रदर्शनकारियों के सिर में चोटें आईं। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो के साथ पुलिस द्वारा बदसलूकी और मारपीट की गई।
प्रदर्शनकारी NEET-UG परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस जारी है।





