नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक पांच मंजिला इमारत अचानक ढह गई। हादसे में अब तक छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 11 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। यह इमारत छात्रों के लिए पेइंग गेस्ट (PG) के रूप में इस्तेमाल की जा रही थी। हादसे के समय इमारत में मरम्मत का काम भी चल रहा था।

घटना रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे की बताई जा रही है। इमारत के गिरते ही आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग मलबे में फंसे लोगों की मदद के लिए मौके पर पहुंचने लगे। सूचना मिलने के बाद दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया।

40-50 साल पुरानी थी इमारत

पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, इमारत करीब 40 से 50 साल पुरानी थी। इसमें बेसमेंट के अलावा पांच मंजिलें थीं। हादसे के समय बेसमेंट में मरम्मत से जुड़ा काम चल रहा था। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इमारत के ढहने के पीछे निर्माण या मरम्मत कार्य की क्या भूमिका रही।

मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटीं टीमें

इमारत गिरने के बाद मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका को देखते हुए बचाव अभियान लगातार चलाया गया। राहत दलों ने सावधानी के साथ मलबा हटाया। अधिकारियों के अनुसार, 11 लोगों को मलबे से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। एक व्यक्ति को बचाव अभियान के दौरान निकाला गया, लेकिन अस्पताल ले जाने के बाद उसकी मौत हो गई, जिसके बाद मृतकों की संख्या छह हो गई।

PG मालिक के खिलाफ FIR

हादसे के मामले में पुलिस ने इमारत के मालिक हरिराम के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने लापरवाही और गैर इरादतन हत्या से संबंधित धाराओं में कार्रवाई की है। जांच में इमारत की स्थिति, मरम्मत कार्य और निर्माण संबंधी नियमों के पालन की भी पड़ताल की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। सरकार की ओर से मामले की मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दिए गए हैं। हादसे के बाद छात्रों के लिए इस्तेमाल होने वाली पुरानी इमारतों की सुरक्षा और उनके स्ट्रक्चरल ऑडिट को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

पुरानी इमारतों की सुरक्षा पर उठे सवाल

सत्य निकेतन और आसपास का इलाका बड़ी संख्या में छात्रों और PG में रहने वाले युवाओं के कारण जाना जाता है। ऐसे में इस हादसे ने पुरानी इमारतों में चल रहे मरम्मत और निर्माण कार्यों की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन अब यह जांच कर रहा है कि इमारत में किए जा रहे काम के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

फिलहाल बचाव और जांच से जुड़ी कार्रवाई जारी है। हादसे के वास्तविक कारणों और जिम्मेदारी तय करने के लिए जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।