देहरादून-ऋषिकेश(भानियावाला-ऋषिकेश) सड़क चौड़ीकरण परियोजना के लिए हजारों पेड़ों की प्रस्तावित कटाई के खिलाफ राज्यभर में पर्यावरण कार्यकर्ताओं, स्थानीय निवासियों और छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज हो गया। प्रदर्शनकारियों ने पेड़ों से चिपककर उन्हें बचाने का प्रयास किया, जिससे ऐतिहासिक चिपको आंदोलन फिर ताजा हो गईं।

सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत 4,369 पेड़ों को हटाने की योजना बनाई गई थी। जिससे प्रदर्शनकारियों, कि यह क्षेत्र शिवालिक वन और हाथी कॉरिडोर का हिस्सा है, इसलिए बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई से वन्यजीवों और पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।

विरोध के दौरान लोगों ने शांतिपूर्ण धरना दिया, पेड़ों को गले लगाया और सरकार से परियोजना की पर्यावरणीय समीक्षा की मांग की। कई सामाजिक संगठनों ने "ब्लैक हरेला" मनाकर भी अपना विरोध दर्ज कराया और कहा कि पेड़ों के संरक्षण के पर्व के बीच उनकी कटाई उचित नहीं है।

लगातार बढ़ते विरोध को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पेड़ों की कटाई पर तत्काल, प्रभाव से रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मुख्य सचिव को सभी संबंधित पक्षों से चर्चा कर पर्यावरण और विकास के बीच संतुलित समाधान खोजने के निर्देश भी दिए। अधिकारियों के अनुसार, रोक लगाए जाने से पहले लगभग 400 पेड़ काटे जा चुके थे।

यह मामला अब केवल सड़क परियोजना तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच संतुलन पर राष्ट्रीय बहस का विषय बन गया है। पर्यावरणविदों का कहना है कि विकास आवश्यक है, लेकिन प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा को भी समान प्राथमिकता दी जानी चाहिए।