सारे समूह सहयोग के लायक नही कुछ लाल हिट के अभिलाषी है !

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बख्शी सृष्टि सक्सेना

कॉकरोच जनता पार्टी को लेके अपने अपने मत है अपने अपने सुझाव है । सभी सहमति असहमति के बीच एक बात जो मुझे ख़ली वो ये थी कि जो युवा किसी के ऊँचे स्वर में बोलने पर सामने वाले को अपने अनुसार मूल्यांकित कर देता है वो किसी के द्वारा तिलचट्टा कहा जाने पर और इस नाम के अंग्रेजी अनुवाद पर बने समूह से जुड़ने पर गौरवान्वित हो रहा है उस युवा की सोचने समझने की बुद्धि पर कितना आघात हुआ होगा वह सोच में इस समूह से जुड़े सभी लोगो के प्रति सहानभूति व्यक्त करती हूं ।

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अंतरराष्ट्रीय पटल पर छाप छोड़ना आसान काम नहीं,

पर बुद्धि का यूँ शून्य हो जाना भी कोई सम्मान नहीं।

आज पहले प्रचार, फिर कार्य की चलती है रवानी,

फिर भी कुछ लोग बचे हैं जिनकी बिकती नहीं कहानी।

आज नीति है, ज्ञान है, संसाधन और विज्ञान है,

पर आलस के आगे हर कोशिश आज भी परेशान है।

आज तर्क बड़े इंटेलेक्चुअल दिखते तो सभी,

पर भीतर से सत्य पर टिकते हैं कितने — शायद कभी नहीं।

कहते हैं “क्रांति चाहिए”, पर मंच बड़ा होना चाहिए,

बैनर के बिना कोई अटल खड़े होते नही;

मिले कोई — ये भी तो दुर्लभ दृश्य से कम नही !

किसी समूह से जुड़ जाना बिना उसकी रीढ़ को जाने,

उसकी नीति, गति और उद्देश्य को पहचाने — समझदारी तो नहीं ।

तुम्हें लाख लोग कहेंगे — “तुम सवाल कैसे कर सकती हो?”

ध्यान रहे, तुम्हें बस रुकना नहीं, झुकना नहीं।

सवाल उत्तर के अभिलाषी होते हैं,

किसी के बेतुके तर्कों के नहीं।

मुझे किसी ने कहा — “बारह मिलियन से अधिक लोग गलत थोड़ी होंगे”,

मैंने मुस्कुरा कर कहा — “ज़रूरी नहीं वो सब भारतीय युवा ही होंगे।”

तुम विचारो, ये पीढ़ी किस जीव को अपना प्रतीक बना रही है,

जो प्रतीक ही मार्ग के संघर्ष के कण मात्र नहीं वो क्या क्रांति लाएंगे — ये बात कहाँ समझ पा रही ।

कहते हैं आज का युवा निराश और आक्रोशित है,

मैं कहती हूँ — कौन युवा है जिसे इस समूह के सोच से आपत्ति नहीं ?

कि उसे बेरोजगार होना चाहिए?

कि उसे आलसी होना चाहिए?

क्या ये पढ़कर युवा का रक्त खौला नहीं?

चलो मान लिया न भी खौला हो,

पर व्यंग्य और मज़ाक के नाम पर

भावी पीढ़ी को यूँ गिराना — क्या सच में तर्कसंगत है ? यही नीति है ? उद्देश्य इतना ही था जोड़ो और नैतिक रूप से पीढ़ी को तोड़ो ?

अर्रे कोई आगे की कल्पना तो हो ?

कोई सपनो की नींद से उठ असल मे इस समूह से जुड़ने वालो के लिए प्रगति तो हो !

मेरी कल्पना अनुरूप चित्र को जान देने के लिए आभार !

Ankit Kushwaha