अमेरिका-ईरान वार्ता में उतार-चढ़ाव के बीच समझौते की उम्मीद, 60 दिन में रोडमैप तैयार करने पर सहमति

ज्यूरिख/वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में हुई उच्चस्तरीय वार्ता ने नए घटनाक्रमों को जन्म दिया है। शुरुआती दौर में बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के बीच मतभेद उभरकर सामने आए, लेकिन लंबी चर्चा के बाद समझौते की दिशा में आगे बढ़ने पर सहमति बनती दिखाई दी।

सूत्रों के अनुसार, वार्ता के दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा, परमाणु कार्यक्रम और लेबनान की स्थिति जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने पक्ष रखे। शुरुआत में बातचीत में गतिरोध की स्थिति बनी रही और कुछ समय के लिए वार्ता के भविष्य को लेकर भी अनिश्चितता पैदा हो गई।

हालांकि बाद में दोनों पक्षों ने संवाद जारी रखने पर सहमति जताई। जानकारी के मुताबिक अमेरिका और ईरान अगले 60 दिनों के भीतर एक व्यापक समझौते का प्रारूप तैयार करने के लिए रोडमैप पर सहमत हुए हैं। इस दौरान तकनीकी और कूटनीतिक स्तर पर कई दौर की बैठकों का आयोजन किया जा सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह प्रक्रिया सफल रहती है तो क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करने और परमाणु मुद्दे पर लंबे समय से चली आ रही अनिश्चितता को दूर करने में मदद मिल सकती है। वहीं, बातचीत के सकारात्मक संकेतों के बावजूद कई अहम मुद्दों पर दोनों देशों के बीच मतभेद अभी भी बने हुए हैं।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब आने वाले हफ्तों पर टिकी है, क्योंकि यही तय करेगा कि यह वार्ता स्थायी समझौते की दिशा में आगे बढ़ती है या फिर एक बार फिर कूटनीतिक चुनौतियों में उलझ जाती है।