वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के आठ दिन बाद एक चमत्कारिक बचाव अभियान ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। राहत एवं बचाव दल ने 43 वर्षीय सुरक्षा गार्ड हर्नान अल्बर्टो गिल फ्लोरेस को 9 मंजिला इमारत के मलबे से जीवित बाहर निकाल लिया। लगातार कई दिनों तक चले कठिन अभियान के बाद उनकी सुरक्षित निकासी संभव हो सकी।

जानकारी के अनुसार, गार्ड भूकंप के समय इमारत के बेसमेंट स्थित सुरक्षा कक्ष में ड्यूटी पर थे। इमारत ढहने के बावजूद उनका छोटा सुरक्षा कक्ष पूरी तरह नहीं टूटा, जिससे अंदर हवा का एक सीमित स्थान बना रहा और उनकी जान बच सकी। बचाव दल ने पहले उनसे संपर्क स्थापित किया, फिर एक संकरे रास्ते से भोजन, पानी और तरल पोषण पहुंचाया, जिसके बाद सुरंग बनाकर उन्हें बाहर निकाला गया।

इस अभियान में वेनेजुएला के साथ चिली, कोस्टा रिका, अमेरिका, मेक्सिको, पुर्तगाल और अन्य देशों के विशेषज्ञ राहतकर्मियों ने हिस्सा लिया। भारी मलबे, लगातार आफ्टरशॉक्स और खराब मौसम के बावजूद बचाव कार्य 100 घंटे से अधिक समय तक जारी रहा।

वेनेजुएला में आए इस भीषण भूकंप में हजारों लोगों की मौत हुई है और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। ऐसे माहौल में आठ दिन बाद किसी व्यक्ति का जीवित मिलना राहतकर्मियों और पीड़ित परिवारों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आया।