फ्रांस के एवियन में 16-17 जून 2026 को आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाग लेकर वैश्विक मंच पर भारत और ग्लोबल साउथ के हितों को मजबूती से प्रस्तुत किया। सम्मेलन के दौरान उन्होंने विभिन्न देशों के शीर्ष नेताओं के साथ द्विपक्षीय और बहुपक्षीय वार्ताएं कीं।

शिखर सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती तथा अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने विकासशील देशों की चिंताओं और उनकी प्राथमिकताओं को प्रमुखता से उठाया।

सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के बीच सौहार्दपूर्ण मुलाकात भी देखने को मिली। दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से अभिवादन किया और द्विपक्षीय संबंधों सहित विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की।

जी7 सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने कई अन्य विश्व नेताओं के साथ भी बैठकें कीं, जिनका उद्देश्य आर्थिक सहयोग, निवेश, तकनीकी साझेदारी और वैश्विक चुनौतियों पर साझा समाधान तलाशना था।

फ्रांस यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने स्लोवाकिया का दौरा भी किया। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की उस देश की पहली आधिकारिक यात्रा रही। इस दौरान दोनों देशों ने रक्षा, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, अंतरिक्ष और व्यापार सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।

विशेषज्ञों के अनुसार, जी7 सम्मेलन में भारत की सक्रिय भागीदारी और स्लोवाकिया की ऐतिहासिक यात्रा भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका तथा अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में उसके प्रभाव को दर्शाती है।